Tuesday, December 27, 2016

हीरा एक कीमती रत्न

हीरा एक कीमती रत्न

इस ब्लॉग में हम जानेंगे हीरा क्या है? और हीरे के मुख्य क्या क्या मुख्य विशेषताएं हैं|


Diamond a precious stone, Diamond

हीरा क्या है?

वास्तव में हीरा कार्बन का शुद्ध रूप है। प्राकृतिक हीरा उच्च तापमान और दबाव में पृथ्वी की आवरण की गहराई में बनता है|


Diamonds a precious stone, Diamond

हीरे की परिभाषा


हीरा शुद्ध कार्बन का एक स्पष्ट और बेरंग क्रिस्टलीय फार्म से मिलकर बना एक कीमती पत्थर है, जो सबसे मुश्किल लेकिन स्वाभाविक रूप से बनने वाला पदार्थ है|

हीरा प्राचीन काल से ही सजावटी वस्तू के रूप में इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है| हीरे की कठोरता और प्रकाश के अपने उच्च फैलाव के कारण हीरे से जो रौशनी निकलती है, वही रौशनी एक हीरे के औद्योगिक अनुप्रयागों के लिए उपयोगी और गहनों के रूप में वांछनीय बनाता है|


मानव निर्मित हीरे


हीरों का कृत्रिम उत्पादन भी किया जा सकता है| लेकिन वे प्राकृतिक हीरे नहीं होते| वे एक रूप में मानव निर्मित हीरे या कृत्रिम हीरे या एडी के नाम से जाना जाता है| सिंथेटिक हीरे मानव द्वारा प्रयोगशाला में निर्मित हीरे हैं, जिन्हें असली हीरों की ही तरह अप्राकृतिक माहौल में प्राकृतिक तरह से बनाया जाता है, जिनमें क्यूबिक ज़िर्कोनिया और सिलिकॉन कार्बाइड शामिल होते हैं| यह कृत्रिम हीरे दिखने में और कई गुणों में प्राकृतिक हीरों जैसा दीखता है| विशेष जेमोलॉजिकल तकनीक प्राकृतिक हीरे, सिंथेटिक हीरे, और मानव निर्मित हीरे में भेद करने के लिए विकसित किया गया है|


हीरे के चार C (फोर C's)


हीरा (रत्न) आमतौर पर अपनी चार C विशेषताओं द्वारा परखा जाता है|
  1. वज़न (कैरट-CARAT) - एक हीरे की बड़े पैमाने पर नापने की विधि कैरट वज़न है| एक कैरट 200 मिलीग्राम के रूप में परिभाषित किया गया है|
  2. स्पष्टता (क्लैरिटी-CLARITY) - स्पष्टता, एक हीरे में पाए जाने वाले समावेशन की आंतरिक दोषों को समझने का एक उपाय हैं| समावेशन एक तरह की छोटी दरारें या सफ़ेद बादल जैसा दिखाई दे सकता है, या एक रूप में एक अन्य या बाहरी सामग्री या किसी अन्य हीरे के क्रिस्टल, या संरचनात्मक खामियों के क्रिस्टल हो सकते है|
  3. रंग (कलर-COLOR) - एक हीरे का रंग उसके मूल्य को आंकने का एक महत्वपूर्ण तरीका है| हीरा कई रंगों में आता है जो डी (D) रंग से ज़ेड (Z) रंग तक होता है| रंग वर्गीकरण (GRADING) के अनुसार बेहतरीन गुणवत्ता वाला हीरा पूरी तरह से रंगहीन होता जिसे डी (D) रंग में वर्गीकृत किया जाता है| 
  4. कटौती (57 पहलू कटौती- 57 FACETS CUT) - एक हीरे को आकार देना और शुरूआती रूप से पॉलिश के अंतिम मणि अनुपात तक का वर्णन कट है| इन दिनों में एक हीरे में 57 पहलू (57 FACETS) होते हैं- जिनमें मंडप (CROWN) पर 33 कट और मुकुट (PAVILION) पर 24 कट होते हैं| और मध्य में एक पतला भाग जिसे करधनी (GIRDLE) कहते हैं|

एक हीरा अगर इन सभी 4 सी के मानकों में सही उतरता है, तो हीरा बहुत महंगा हो जायेगा| अगर एक अच्छा और भारी वज़न (CARAT) वाला हीरा जो कि क्रिस्टल की तरह स्पष्ट हो और एकदम रंगहीन हो और सही 57 कटों से सुसज्जित हो तो आप भी उस हीरे की कीमत की कल्पना नहीं कर सकते| दो हीरे, लेकिन उनके 4C's (वज़न, स्पष्टता, रंग और कटौती-CARAT, CLARITY, COLOR और CUT) अगर भिन्न हों तो उनकी कीमतों में बहुत अंतर हो सकता है|

यहाँ याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक हीरे का मूल्य उसके 4C's पर आधारित है, बस वज़न (CARAT) उस हीरे की कीमत निर्धारित नहीं करता|


पहचान


प्राम्भिक हीरे की पहचान, दो हीरों की बेहतर कठोरता एवं खरोंच डालने की या खरोच लेने के परीक्षण पर निर्भर है| इस तरह का परीक्षण दोनों हीरों पर खरोंच के रूप में या फिर दोनों ही हीरों को नुक्सान का परिनाम दे सकता है|


Diamond a precious stone, Diamonds



Saturday, December 17, 2016

AWARD - Short Film based on Swachh Bharat Abhiyan

AWARD - Short Film based on Swachh Bharat Abhiyan

How I participated in a short film competition and made my very first short film AWARD based on Swachh Bharat Abhiyan, with the help of my mobile phone

Award, Swachh Bharat ABhiyan, Short film



https://goo.gl/CejwXm

Hi Friends,

This is your host Sheikh Mustak "SAAHIB". Today I am going to share with you, my experience of making a short film, which I made with my mobile phone. And the Short Film is based on Swachh Bharat Abhiyan and the name of the Short Film is AWARD.

A few days back I was watching a movie with my family. The film was about to begin, so I decided to go to the washroom before the movie begins. When I came back I saw Mr. Amitabh Bachchan was saying ("Apna camera uthaiye aur film banaiye, aur Swachh Bharat Abhiyaan ke short film competition mein bhaag lein, aur agar aap jeetkar Director ban jaayein to humein bhi apni film mein mauka dein".) Take your camera and start making a film, and participate in Swachh Bharat Abhiyan's short film competition, and after winning and becoming a Director, do give us a chance in your film.
 

That time I haven't noticed. Later when I was traveling by bus I thought of Mr. Bachchan's words. I opened my phone and browsed for Swachh Bharat Abhiyaan Short Film Competition. I found that there is one competition is going on and the entries should be submitted by 10th Sep'2016. I reminded of that day's date and the date was 2nd Sep'2016. That means only 7 days were left. While traveling to my home I thought of a story and after reaching home I wrote that story on my laptop.

Next day I called my brothers and my friends to help to make this film. I took my camera and my tripod and get started. We went to the locations where I need to take the shots. I cast my wife, my daughter, my brothers, and my friends in my film. Few People who were unknown to me also acted in my film.

After shooting all the essential scenes I transferred all the footage to my laptop for the editing. I downloaded royalty free music for the background of my film. I edited the whole of my film on Windows Movie Maker.

Actually friends I always wanted to make a film but this Swachh Bharat Abhiyaan Short Film Competition gave me that big push to go and do it. It's a different thing that my film 'Award' has not won any prize and not even nominated, but the experience helped me to know that the artist is still alive in me.

I not only made my film, in fact, I helped my friend and my wife also to complete their films.

In my film 'Award', I have done everything like story writing to shooting to editing. And also shot and edited my friend's 'Janhit Mein Jaari...' and my wife's films 'Ek Villain... Machchhar'.





                        https://goo.gl/wSISYn





                         https://goo.gl/JuuoUL    

Written by: Sheikh Mustak "SAAHIB"

Thursday, September 22, 2016

ये हिंदुस्तान मेरा है... श्रद्धांजलि

ये हिंदुस्तान मेरा है... श्रद्धांजलि

एक श्रद्धांजलिश्री ए पी जे अब्दुल कलाम जी के नाम...

A P J Abdul Kalam, Abdul kalam

ये मुल्क़ मेरा है,
ये जहान मेरा है,
ये बंजर मेरे है,
ये गुलिस्तान मेरा है,
ये दर्द मेरा है,
ये ग़ुमान मेरा है,
मैं छोड़ के जाऊं कैसे?
ये हिंदुस्तान मेरा है|

अभी बहुत काम था बाकी,
अभी दुश्मन को था दिखाना,
मेरा मुल्क़ अमन चाहता है,
तुम नफ़रत ना फैलाना,
बाल सुफेद हुए तो क्या,
दिल जवान मेरा है,
दूर हटो ऐ दुनियावालो,
ये हिंदुस्तान मेरा है|

कमर थोड़ी झुक गयी थी,
पर इरादे बुलंद थे,
मुल्क़ की तरक्कियों पे,
न करते घमंड थे,
ले जाना और आगे इस मुल्क़ को,
चल कर पैरो के जो, निशान मेरा है,
मैं छोड़ के जाऊं कैसे?
ये हिंदुस्तान मेरा है,
ये हिंदुस्तान मेरा है||

वो लम्हे... - प्रेम कविता

वो लम्हे... - प्रेम कविता

रोमांटिक प्रेम कविता 


Sad Man, Seashore, Sunset, Lonely Man, Alone Man

यह एक प्रेम कविता है| जिसमें  कवी ने अपनी प्रेम भावनाओं को प्रेम कविता का रूप देकर प्रस्तुत किया है| आइये इस प्रेम कविता का आनंद लें| 

कितनी रातें बीत गई पर मैं नहीं सोया,
ऐसा लगता है कब से मैं नहीं रोया,
तू चला गया है यह जानता हूँ फिर भी,
ऐसा लगता है जैसे मैंने कुछ नहीं खोया,
कितनी रातें बीत गई...........................

दी थी जो पहली बार में तुने वो दुआएं,
माला बना कर उसको गले में है पिरोया,
कितनी रातें बीत गई...........................

पिया था पानी कभी जिन पयालों से तूने,
लगा कर लबों से हर रात है भिगोया,
कितनी रातें बीत गई...........................

तेरे हांथों के निशां अब भी मेरे दामन पर लगे हैं,
तभी तो आज तक मैंने उन निशानों को नहीं धोया,
कितनी रातें बीत गई...........................

आज भी मिलने आता है तू मुझसे ऐ सनम,
साहिबने तेरी यादों को इस तरह है संजोया,
कितनी रातें बीत गई...........................

तेरी खुशियों के आगे मेरा वजूद कुछ भी नही,
साहिबने तो खुद को तेरी यादों में है डुबोया,
कितनी रातें बीत गई...........................||

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